भारत और अमेरिका के संबंध में अविश्वास ऐतिहासिक रूप से रहा है. कहा जाता है कि दोनों देश एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं और एक साथ भी नहीं रह सकते हैं.
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर खुलकर असहमति सामने आई. इस बार मुद्दा अंतरराष्ट्रीय नहीं था बल्कि भारत के अपने सियासी मुद्दे थे.
नरेंद्र मोदी सरकार ने आम चुनाव से पहले नागरिकता संशोधन क़ानून लागू किया तो अमेरिका ने इस पर खुलकर असहमति जताई.
कथित भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ़्तार किया तब भी अमेरिका ने टिप्पणी की.
भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने बैंक खाते फ्रीज किए जाने को लेकर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया तब भी अमेरिका खुलकर सामने आया.